सरकारी मेडिकल सीटें बढ़ेंगी, कॉम्पिटिशन होगा आसान

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 10,023 नई सीटें, NEET छात्रों को राहत

भारत में डॉक्टरी पढ़ाई को लेकर काफी टफ कॉम्पिटिशन है। सीटों के हिसाब से मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी नीट एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या काफी ज्यादा है। खासकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 10,023 नई सीटों जुड़ने वाली हैं।

केंद्र सरकार ने 2025-26 और 2028-29 के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 10,023 नई मेडिकल शिक्षा सीटों को मंजूरी दे दी है, जो अगले फेज में शामिल होंगे। सीटें बढ़ने से भारत के हेल्थकेयर वर्कफोर्स को मजबूत होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद को यह जानकारी दी।

हालांकि अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि यूजी और पीजी की कितनी-कितनी सीटें कहां-कहां बढ़ेंगी। अगले सेशन से पहले इसकी डिटेल्ड जानकारी दे दी जाएगी। पिछले पैटर्न के हिसाब से MBBS सीटों में अच्छी बढ़त हो सकती है।

5 साल में 48,563 MBBS सीटें और 29,080 MD/MS सीटें बढ़ीं

ये नई सीटें केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत बनाई जाएंगी और इनका मकसद मेडिकल एजुकेशन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, खासकर उन इलाकों में जहां इसकी कमी है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा शेयर किए गए डेटा के अनुसार, भारत ने 2020-21 और 2025-26 के एकेडमिक सालों के बीच 48,563 MBBS सीटें और 29,080 पोस्टग्रेजुएट (MD/MS) सीटें जोड़ी हैं, जिससे देश भर में कुल 77,600 से ज्यादा मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी हुई है।

UG-PG Medical Seats: ईयर वाइज यूजी-पीजी की सीटें कितनी बढ़ीं

साल-दर-साल के आंकड़े अंडरग्रेजुएट क्षमता में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं, जिसमें MBBS सीटों की संख्या 2020-21 में 2,963 से बढ़कर 2025-26 में 11,119 हो गई है। पोस्टग्रेजुएट शिक्षा का भी लगातार विस्तार हुआ है, इसी दौरान PG सीटों की संख्या 4,983 से बढ़कर 7,619 हो गई है। सरकार ने कहा कि मेडिकल की सीटें बढ़ने से वर्कफोर्स की कमी को कम करने और दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई राज्यों में डॉक्टर-जनसंख्या का रेशो बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

Govt UG-PG Medical Seats in India: अब कितनी हैं मेडिकल सीटें

केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एकेडमिक ईयर 2025 में देश में एमबीबीएस की कुल सीटें 1,28,875 हैं, जो 2014 में 51,348 थीं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों की संख्या 65,193 और प्राइवेट 63,682 हैं। वहीं पीजी की सीटें 31,185 से बढ़कर 80,291 हो गई हैं। इनमें 17,707 डीएनबी, डीआरएनबी, एफएनबी और पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा सीटें भी शामिल हैं।

मेडिकल एजुकेशन के लिए सबसे बड़ी रेगुलेटरी बॉडी के तौर पर, NMC ने ट्रेनिंग में क्वालिटी और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए कई रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भी पेश किए हैं। इनमें मिनिमम स्टैंडर्ड्स रिक्वायरमेंट (MSR), ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (GMER) 2023, मेंटेनेंस ऑफ स्टैंडर्ड्स ऑफ मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (MSMER) 2023, और कॉम्पिटेंसी-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन (CBME) करिकुलम गाइडलाइंस 2024 शामिल हैं। ताकि देश भर के मेडिकल कॉलेज टीचिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल ट्रेनिंग में मजबूत स्टैंडर्ड बना रहे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 16 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में ये डिटेल्स शेयर कीं। सरकारी योजनाओं के तहत मेडिकल सीटों के विस्तार से मेडिकल एजुकेशन तक पहुंच बेहतर होने और भारत में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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