विदेश में नर्सिंग करियर का सपना: भारतीय नर्सों के लिए अमेरिका तक पहुंचने का पूरा रास्ता

भारतीय नर्सों के लिए अमेरिका जाने का पूरा रास्ता

भारत में नर्सिंग की पढ़ाई करने के बाद बड़ी संख्या में नर्सें विदेश में काम करने का सपना देखती हैं। खासतौर पर अमेरिका ऐसा देश है, जहां नर्सों की भारी मांग है और सैलरी भी काफी आकर्षक है। अमेरिका में हेल्थकेयर सेक्टर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन वहां जरूरत के हिसाब से नर्सों की संख्या कम है। इसी वजह से भारतीय नर्सों के लिए अमेरिका में नौकरी के कई अवसर मौजूद हैं। हालांकि, अमेरिका में नर्स की नौकरी पाने के लिए केवल भारत की डिग्री होना काफी नहीं है। इसके लिए एक तय प्रक्रिया है, जिसमें लाइसेंस, परीक्षा और सर्टिफिकेशन शामिल हैं।

 

अमेरिका में नर्स बनने की पहली शर्त 

अगर आप अमेरिका में नर्स के तौर पर काम करना चाहती हैं, तो आपके पास भारत से मान्यता प्राप्त नर्सिंग डिग्री होनी चाहिए। आमतौर पर B.Sc Nursing या इसके समकक्ष डिग्री को मान्यता दी जाती है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान से होनी चाहिए और आपने नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन भी कराया होना चाहिए।

 

CGFNS के जरिए डिग्री का मूल्यांकन 

अमेरिका में काम करने से पहले आपकी डिग्री और प्रोफेशनल रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए CGFNS International नाम की संस्था काम करती है। यह संस्था यह जांचती है कि आपकी पढ़ाई और ट्रेनिंग अमेरिकी नर्सिंग स्टैंडर्ड के अनुसार है या नहीं। CGFNS के जरिए आपकी एजुकेशनल डिटेल्स, लाइसेंस और अनुभव को वेरिफाई किया जाता है। कई राज्यों में CGFNS सर्टिफिकेशन जरूरी होता है, ताकि आप आगे की लाइसेंस परीक्षा दे सकें।

 

अंग्रेजी भाषा की योग्यता 

अमेरिका में काम करने के लिए अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। कई स्टेट बोर्ड ऑफ नर्सिंग IELTS या TOEFL जैसे इंग्लिश टेस्ट की मांग करते हैं। इन टेस्ट के जरिए यह देखा जाता है कि आप मरीजों और मेडिकल स्टाफ से सही तरीके से संवाद कर सकती हैं या नहीं।

 

NCLEX-RN परीक्षा क्यों जरूरी है 

अमेरिका में नर्सिंग लाइसेंस पाने के लिए सबसे जरूरी परीक्षा है NCLEX-RN। यह परीक्षा पास किए बिना अमेरिका में Registered Nurse के तौर पर काम नहीं किया जा सकता। यह परीक्षा नर्सिंग नॉलेज, क्लिनिकल स्किल और निर्णय लेने की क्षमता को परखती है। हर अमेरिकी राज्य का अपना नर्सिंग बोर्ड होता है, जहां से NCLEX-RN के लिए आवेदन किया जाता है। परीक्षा पास करने के बाद आपको उस राज्य का नर्सिंग लाइसेंस मिल जाता है।

 

अमेरिका में नौकरी और वीजा प्रक्रिया 

NCLEX-RN पास करने और लाइसेंस मिलने के बाद आप अमेरिका में हॉस्पिटल, क्लिनिक या नर्सिंग होम में नौकरी के लिए आवेदन कर सकती हैं। जब कोई हॉस्पिटल या हेल्थकेयर संस्था आपको नौकरी देती है, तो वही आपके लिए वर्क वीजा की प्रक्रिया शुरू करती है। अक्सर नर्सों को EB-3 वीजा या अन्य वर्क वीजा कैटेगरी में अमेरिका बुलाया जाता है। वीजा अप्रूव होने के बाद आप अमेरिका जाकर कानूनी रूप से काम शुरू कर सकती हैं।

 

अमेरिका में नर्सों की सैलरी 

अमेरिका में नर्सों को काफी अच्छी सैलरी मिलती है। शुरुआत में ही भारतीय नर्सें सालाना लाखों रुपये के बराबर कमाई कर सकती हैं। अनुभव, राज्य और स्पेशलाइजेशन के हिसाब से यह सैलरी और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि अमेरिका भारतीय नर्सों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक है।

 

हमारी सलाह 

अगर आप अमेरिका में नर्सिंग करियर बनाना चाहती हैं, तो सबसे पहले सही जानकारी और योजना बनाना बहुत जरूरी है। किसी भी एजेंट या संस्थान पर आंख बंद करके भरोसा न करें। आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लें, CGFNS और NCLEX-RN की प्रक्रिया को अच्छे से समझें और इंग्लिश भाषा पर खास ध्यान दें। यह रास्ता थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन सही तैयारी और धैर्य के साथ आप अमेरिका में एक सफल और सुरक्षित करियर बना सकती हैं।

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