फ्रांस ने भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि उनका देश साल 2030 तक हर साल 30,000 भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए फ्रांस बुलाना चाहता है। अभी करीब 10,000 भारतीय छात्र हर साल फ्रांस जाते हैं, लेकिन अब इस संख्या को तीन गुना करने की तैयारी है।
राष्ट्रपति मैक्रों हाल ही में भारत आए थे। वह यहां एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े एक बड़े कार्यक्रम, यानी AI Summit में शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने भारत और फ्रांस के रिश्तों को और मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा, टेक्नोलॉजी और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे।
इस ऐलान की सबसे बड़ी बात है – वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाना। अक्सर विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों को वीज़ा की लंबी और मुश्किल प्रक्रिया से डर लगता है। लेकिन अब फ्रांस ने इसे आसान करने का फैसला किया है। अगर कोई छात्र तीन साल या उससे ज्यादा का कोर्स करता है, तो उसे पूरे कोर्स के लिए एक साथ वीज़ा मिलेगा। बार-बार वीज़ा रिन्यू कराने की झंझट नहीं होगी। इससे छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
इसके अलावा, फ्रांस ने भारतीय यात्रियों के लिए वीज़ा-फ्री एयरपोर्ट ट्रांजिट की सुविधा भी शुरू की है। मतलब अगर कोई भारतीय छात्र फ्रांस के एयरपोर्ट से होकर किसी दूसरे देश जा रहा है, तो उसे अलग से ट्रांजिट वीज़ा लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे यात्रा आसान हो जाएगी।
एक और बड़ी राहत की बात यह है कि अब फ्रांस में कई कोर्स अंग्रेजी में भी पढ़ाए जा रहे हैं। पहले कई छात्र फ्रेंच भाषा को लेकर हिचकिचाते थे। लेकिन अब बिजनेस, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ और डेटा साइंस जैसे कोर्स अंग्रेजी में उपलब्ध हैं। इससे भारतीय छात्रों के लिए वहां पढ़ाई करना आसान हो जाएगा।
फ्रांस और भारत के कॉलेज और यूनिवर्सिटी मिलकर नए प्रोग्राम भी शुरू करने वाले हैं। जैसे स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, जॉइंट डिग्री और साथ में रिसर्च प्रोजेक्ट। इससे छात्रों को इंटरनेशनल एक्सपीरियंस मिलेगा और करियर के बेहतर मौके मिलेंगे।
फ्रांस अपनी अच्छी शिक्षा व्यवस्था, रिसर्च सुविधाओं और खूबसूरत संस्कृति के लिए जाना जाता है। वहां की कई सरकारी यूनिवर्सिटी की फीस भी दूसरे देशों के मुकाबले कम है। यही वजह है कि फ्रांस अब भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ा और आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।
राष्ट्रपति मैक्रों का कहना है कि ज्यादा भारतीय छात्र आने से दोनों देशों को फायदा होगा। भारतीय छात्रों को अच्छी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी, वहीं फ्रांस को टैलेंटेड और मेहनती युवा मिलेंगे जो वहां की अर्थव्यवस्था और रिसर्च में योगदान देंगे।
कुल मिलाकर, आसान वीज़ा, अंग्रेजी में कोर्स और मजबूत भारत-फ्रांस दोस्ती के चलते आने वाले सालों में फ्रांस भारतीय छात्रों के लिए यूरोप में पढ़ाई का एक बड़ा केंद्र बन सकता है। अगर सब योजना के मुताबिक चला, तो 2030 तक 30,000 भारतीय छात्र हर साल फ्रांस में पढ़ाई करते नजर आ सकते हैं।
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