योगी सरकार की पहल: फरवरी में दिव्यांगजन के लिए नौकरी और स्वरोजगार

योगी सरकार की पहल: फरवरी में दिव्यांगजन के लिए नौकरी और स्वरोजगार

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार दिव्यांग नागरिकों के लिए एक विशेष कदम उठाया है। यह पहल है दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0, जो फरवरी 2026 में पूरे राज्य में आयोजित की जाएगी। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि दिव्यांग लोगों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। अक्सर हमारे समाज में दिव्यांग व्यक्ति कठिनाइयों का सामना करते हैं, लेकिन इस अभियान का मकसद उन्हें मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ना और उनके हुनर को सही दिशा देना है।

इस अभियान का आयोजन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राज्य सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत 6 फरवरी 2026 से होगी और यह 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राज्य के हर जिले में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें उन दिव्यांग नागरिकों को मौका मिलेगा, जिन्होंने पहले आईटीआई या कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रशिक्षण लिया है। साथ ही, जो लोग रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि दिव्यांग नागरिकों को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों, एमएसएमई इकाइयों और सरकारी स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समितियाँ बनाई गई हैं, जो अभियान को सुचारू रूप से संचालित करेंगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर योग्य और इच्छुक दिव्यांग व्यक्ति तक रोजगार का अवसर पहुंचे।

इस पहल में सिर्फ नौकरी ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार पर भी जोर दिया गया है। कई ऐसे दिव्यांग नागरिक हैं, जिनके पास हुनर है, लेकिन सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता की कमी के कारण वे अपने हुनर का लाभ नहीं उठा पाते। अभियान के दौरान उन्हें व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी। इसमें आवश्यक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्केटिंग संबंधी मार्गदर्शन भी शामिल होगा।

इसके अलावा, यह अभियान प्रतिस्पर्धा और प्रोत्साहन के रूप में भी काम करेगा। अभियान के दौरान जो जिले सबसे ज्यादा दिव्यांग नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराएंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र और सम्मान से नवाजा जाएगा। इससे न सिर्फ सरकार के प्रयासों को पहचान मिलेगी, बल्कि अन्य जिलों में भी इस दिशा में काम करने की प्रेरणा बढ़ेगी।

एक और खास बात यह है कि यह अभियान तकनीकी रूप से भी सक्षम है। रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले दिव्यांगजन सीधे अपने क्षेत्र के रोजगार अधिकारी से जुड़ सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से उन्हें उपलब्ध नौकरी और स्वरोजगार की जानकारी लगातार मिलती रहेगी। यह पहल पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित है, ताकि किसी भी योग्य व्यक्ति को अवसर से वंचित न रहना पड़े।

सामाजिक दृष्टि से देखा जाए तो यह अभियान केवल रोजगार नहीं दे रहा, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहा है। जब कोई व्यक्ति अपने हुनर और मेहनत के दम पर अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है, तो समाज में उसकी स्वीकार्यता और योगदान दोनों बढ़ते हैं। इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने यह संदेश दिया है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती।

Latest Category Jobs
Job InformationApply Job

TP Senior Advisor(2-4 years)

Senior Software Engineer (.Net)(10-12 years)

Associate HRO(2-3 years)

Lead II - Python Architect(12-15 years)

Head - Engine Quality(10-15 years)

QA/QC Manager(10-15 years)

Conclusion

दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 एक ऐसा अवसर है, जो न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि दिव्यांग नागरिकों को स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान दिलाने का काम करता है। यह पहल हमें यह याद दिलाती है कि जब समाज और सरकार साथ मिलकर काम करें, तो किसी भी वर्ग की प्रतिभा और मेहनत को सही दिशा में मोड़ा जा सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में दिव्यांगजनों के लिए रोजगार और सशक्तिकरण का मार्गदर्शन बनेगी। इससे यह भी साबित होता है कि अगर सही योजना और समर्पण हो, तो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बदलाव ला सकता है और समाज में अपनी पहचान बना सकता है।


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