
दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (South Asian University – SAU) ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है। यूनिवर्सिटी में इस बार एडमिशन की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। खास बात यह है कि यहां अब पहले से कहीं ज्यादा भारतीय छात्र दाखिला ले रहेहैं और विदेशी छात्रों की संख्या थोड़ी घटी है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का मानना है कि यह बदलाव ग्रेजुएशन लेवल पर शुरू किए गए नए और पॉपुलर कोर्सेज का असर है।
यूनिवर्सिटी का इतिहास और खासियत
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी का गठन 2010 में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों की संसद से मंजूरी के बाद हुआ था। यह यूनिवर्सिटी भारत सहित अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान के छात्रों को एडमिशन का अवसर देती है। दिल्ली के मैदानगढ़ी-राजपुर रोड स्थित अरावली पहाड़ियों के बीच फैले 100 एकड़ के आधुनिक कैंपस में SAU का संचालन होता है। इस यूनिवर्सिटी की खासियत यह है कि यहां रिसर्च, मास्टर्स और अब ग्रेजुएशन लेवल तक के विभिन्न कोर्सेस पढ़ाए जाते हैं। इंडस्ट्री की जरूरत और स्टूडेंट्स की डिमांड को ध्यान में रखकर यहां नए कोर्स जोड़े गए हैं, जिससे छात्रों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
दोगुने एडमिशन का आंकड़ा
पिछले साल यानी 2024-25 में SAU में लगभग 599 छात्रों ने दाखिला लिया था, जिनमें से 87 प्रतिशत भारतीय थे। लेकिन 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1100 से ज्यादा हो गई है और इसमें लगभग 95 प्रतिशत भारतीय छात्र हैं। दिल्ली एनसीआर से आने वाले छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिन्हें अपनी पसंद के कोर्सेज दिल्ली में ही पढ़ने का मौका मिल रहा है।
विदेशी छात्रों की संख्या में गिरावट
लांकि विदेशी छात्रों की संख्या इस बार कम हुई है। पिछले साल 73 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया था, लेकिन इस बार केवल 45 विदेशी छात्रों ने एडमिशन लिया। इनमें नेपाल से सबसे ज्यादा 20 छात्र शामिल हैं, जबकि बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भी कुछ छात्र आए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान से पिछले तीन साल से कोई भी छात्र एडमिशन नहीं ले पाया। आवेदन तो होते हैं, लेकिन वीज़ा और तकनीकी कारणों से प्रवेश नहीं हो पाता।
SAU में चल रहे और नए कोर्सेज
SAU में बीते साल तक मास्टर्स, पीएचडी और केवल बीटेक जैसे सीमित ग्रेजुएशन कोर्स ही उपलब्ध थे। लेकिन अब ग्रेजुएशन लेवल पर कई नए कोर्सेज शुरू किए गए हैं।
बीटेक कोर्स: इस बार सबसे ज्यादा 350 दाखिले हुए। बीटेक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और बिजनेस इंटेलिजेंस जैसे मॉडर्न स्पेशलाइजेशन ऑफर किए जा रहे हैं।
इंटीग्रेटेड BBA-MBA: 60 सीटें थीं लेकिन 70 छात्रों ने एडमिशन ले लिया। यह कोर्स युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।
MA (International Relations): 120 छात्र दाखिल हुए।
लॉ और इंटरडिसिप्लिनरी BS-MS कोर्स: 100 से ज्यादा एडमिशन।
बायोटेक्नोलॉजी: 55 छात्र दाखिल हुए।
क्लाइमेट चेंज (मास्टर लेवल): 30+ एडमिशन।
यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट प्रो. के.के. अग्रवाल ने बताया कि आने वाले समय में *मीडिया-कम्युनिकेशन, मैनेजमेंट के नए कोर्सेज और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे विषय भी शामिल किए जाएंगे।
5 साल के इंटीग्रेटेड कोर्स
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप SAU ने इंटीग्रेटेड कोर्सेज भी शुरू किए हैं।
इंटीग्रेटेड BBA+MBA:छात्र चाहे तो तीन साल बाद बीबीए डिग्री लेकर एग्जिट कर सकता है या पूरा पांच साल का कोर्स करके BBA+MBA की डिग्री ले सकता है।
इंटीग्रेटेड BS-MS (इंटरडिसिप्लिनरी साइंसेज):पांच साल का कोर्स शुरू हुआ है।
बीटेक मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग व साइबर सिक्योरिटी:नए तकनीकी कोर्सेज जिनकी इंडस्ट्री में भारी मांग है।
इग्जीक्यूटिव MBA:कामकाजी और प्रोफेशनल लोगों के लिए दो साल का कोर्स।
एक साल के मास्टर कोर्स का विकल्प
अब छात्रों को मास्टर डिग्री करने के लिए दो विकल्प मिलेंगे।
जिन छात्रों ने चार साल की ग्रेजुएशन की होगी, वे सिर्फ एक साल में मास्टर डिग्री हासिल कर सकेंगे।
तीन साल की ग्रेजुएशन वाले छात्रों को मास्टर के लिए दो साल पढ़ना होगा।
एमबीए अभी भी दो साल का ही रहेगा।
रिसर्च और पीएचडी के विकल्प
SAU में रिसर्च का दायरा भी बढ़ाया गया है। छात्र कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स, लीगल स्टडीज, इंटरनेशनल स्टडीज, सोशियोलॉजी, मीडिया, आर्ट्स एंड डिजाइन, फिजिक्स और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों में पीएचडी कर सकते हैं।
एडमिशन प्रक्रिया
बीटेक में दाखिला जेईई मेन स्कोर पर आधारित है।
यूनिवर्सिटी अपना खुद का एंट्रेंस टेस्ट भी आयोजित करती है।
इसके अलावा सार्क देशों के नेशनल एंट्रेंस टेस्ट भी मान्य हैं।
भारत में जेईई मेन, CUET और CAT के स्कोर पर भी एडमिशन मिल सकता है।
अंत में मेरिट लिस्ट तैयार होती है और छात्रों को उनकी पसंद के कोर्स में दाखिला दिया जाता है।
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क्यों बढ़ रहे हैं एडमिशन?
- पॉपुलर और स्किल-बेस्ड कोर्सेज की शुरुआत।
- नई शिक्षा नीति के अनुरूप मल्टी-डिसिप्लिनरी एप्रोच।
- दिल्ली एनसीआर के छात्रों को घर के पास ही अच्छे कोर्सेज की सुविधा।
- इंडस्ट्री की मांग को ध्यान में रखते हुए मॉडर्न विषयों को शामिल करना।
- वर्चुअल कैंपस और ऑनलाइन कोर्सेज की सुविधा।
| Latest Category Jobs | ||
|---|---|---|
| Job Information | Apply Job | |
Senior Data Architect(12-15 years) | ||
Assistant Manager / Deputy Manager - FIE (Fuel System) Propulsion(4-9 years) | ||
AEM Architect(9-14 years) | ||
Technical Product Ower(10-20 years) | ||
Angular Lead- Chennai - WFO(7-12 years) | ||
AD + Silverfort Specialist(10-12 years) | ||
Conclusion
अगर आप भी आगे की पढ़ाई को लेकर सोच रहे हैं तोसाउथ एशियन यूनिवर्सिटीआपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है, खासकर तब जब आप टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, रिसर्च या मल्टी-डिसिप्लिनरी फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं। यहां एडमिशन लेने से पहले यह जरूर देखें कि आपके चुने हुए कोर्स का इंडस्ट्री और करियर ग्रोथ में कितना स्कोप है। साथ ही, प्रवेश प्रक्रिया में समय पर आवेदन करें और सभी आवश्यक परीक्षाओं की तैयारी रखें। SAU का तेजी से बढ़ता दायरा आने वाले समय में इसे क्षेत्र की अग्रणी यूनिवर्सिटी बना सकता है।



