Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB-G RAM G योजना की पूरी जानकारी 2026

VB-G RAM G योजना 2026: Viksit Bharat Rozgar Ajeevika Mission Gramin की पूरी जानकारी

VB-G RAM G यानी Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) बिल 2025 की पूरी जानकारी — यह क्या है, MGNREGA से कैसे अलग है, पात्रता, फंडिंग पैटर्न और ग्रामीण रोजगार पर इसका असर।

Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB-G RAM G योजना की पूरी जानकारी

गांव में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रही है। पिछले करीब दो दशकों से MGNREGA इस जरूरत को पूरा करती आई है, लेकिन अब सरकार इसे एक नए और बड़े रूप में लेकर आई है — Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin), जिसे शॉर्ट में VB-G RAM G कहा जा रहा है। अगर आप ग्रामीण भारत से जुड़े हैं, सरकारी योजनाओं पर नजर रखते हैं, या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। इसमें हम इस योजना को आसान भाषा में, शुरू से अंत तक समझेंगे — इसका मकसद क्या है, यह पुरानी योजना से कैसे अलग है, इसका फायदा किसे मिलेगा, और राज्यों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

VB-G RAM G योजना क्या है?

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा में विकसित भारत – जी राम जी (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission Gramin) विधेयक, 2025 पेश किया। यह बिल असल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का एक अपग्रेडेड वर्जन है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस बिल को लोकसभा में MGNREGA के अपग्रेड के रूप में पेश किया है।

मतलब साफ है — यह कोई बिल्कुल नई योजना नहीं, बल्कि पुरानी रोजगार गारंटी व्यवस्था को आज के हालात के हिसाब से बेहतर बनाने की कोशिश है। पुरानी योजना सिर्फ "मांग आधारित" काम देती थी, लेकिन नई व्यवस्था में योजना और जरूरत दोनों को साथ लेकर चलने की बात कही गई है।

VB-G RAM G के मुख्य उद्देश्य

इस योजना के पीछे सरकार की सोच को कुछ बिंदुओं में समझा जा सकता है:

ग्रामीण रोजगार को बेहतर तरीके से प्लान करना

अब केवल काम मांगने पर देने की बजाय, गांवों की जरूरतों को पहले से पहचानकर योजना बनाई जाएगी। इसके लिए Viksit Gram Panchayat Plans (VGPPs) तैयार किए जाएंगे, जो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर जोड़े जाएंगे और PM गति शक्ति योजना से भी लिंक होंगे, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में तालमेल बना रहे।

कमजोर परिवारों के अधिकार को बनाए रखना

योजना में एक हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया है — कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए न्यूनतम कार्यदिवस अब भी मांग आधारित रहेंगे, जबकि बाकी रोजगार पहले से तय योजना के तहत दिया जाएगा। इससे जरूरतमंदों का हक भी सुरक्षित रहता है और बाकी काम भी व्यवस्थित ढंग से होता है।

खेती के मौसम में लचीलापन

बुवाई और कटाई के सीजन में अक्सर खेतिहर मजदूरों की कमी हो जाती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, राज्यों को साल में 60 दिन तक योजना को रोकने की छूट दी गई है, ताकि किसानों को खेती के लिए मजदूर मिलने में दिक्कत न हो।

VB-G RAM G और MGNREGA में क्या अंतर है?

यह सबसे जरूरी सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है। आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।

फंडिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव

पुरानी MGNREGA व्यवस्था में राज्यों का योगदान बहुत कम, सिर्फ करीब 10% हुआ करता था। नई व्यवस्था में ज्यादातर राज्यों के लिए यह अनुपात 60:40 (केंद्र:राज्य) कर दिया गया है। हालांकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए राहत बरकरार रखी गई है, जहां पुराना 90:10 का अनुपात ही लागू रहेगा।

राज्यवार आवंटन अब तय मापदंडों पर

अब हर राज्य को कितना फंड मिलेगा, यह केंद्र सरकार साल-दर-साल तय मापदंडों के आधार पर तय करेगी। इसका मतलब है कि अगर किसी राज्य में अचानक रोजगार की मांग बढ़ती है, तो राज्यों के पास खर्च बढ़ाने की उतनी आजादी नहीं रहेगी जितनी पहले थी।

पारदर्शी क्षेत्र चयन

ग्रामीण इलाकों को योजना में शामिल करने के लिए अब गरीबी के पॉकेट, जलवायु संवेदनशीलता और पलायन जैसे डेटा-आधारित मापदंडों का इस्तेमाल होगा, जिससे चयन प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी।

योजना से जुड़ी अन्य पहलें

VB-G RAM G को अकेले नहीं, बल्कि कई दूसरी ग्रामीण योजनाओं के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जैसे:​

  • DAY-NRLM (दीनदयाल अंत्योदय योजना) — स्वयं सहायता समूहों के जरिए स्वरोजगार को बढ़ावा
  • DDU-GKY — ग्रामीण युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट
  • PM Vishwakarma — पारंपरिक कारीगरों को टूलकिट और क्रेडिट सपोर्ट
  • ग्राम संपत्ति सर्वे योजना — संपत्ति कार्ड के जरिए लोन और निवेश तक पहुंच

इन सभी योजनाओं को मिलाकर सरकार का मकसद सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका को टिकाऊ बनाना है।

इस बिल का असर किस पर पड़ेगा?

राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा क्योंकि अब उन्हें योजना में पहले से ज्यादा हिस्सेदारी देनी होगी। दूसरी तरफ, ग्रामीण परिवारों के लिए योजना बेहतर ढंग से डिज़ाइन की गई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए यह विषय खासतौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ग्रामीण रोजगार नीति, अधिकार-आधारित बनाम आपूर्ति-आधारित कल्याण मॉडल, और सार्वजनिक कार्य कार्यक्रमों की भूमिका जैसे टॉपिक शामिल हैं।

इस बीच, राज्य स्तर पर भी कई रोजगार सहायता योजनाएं चल रही हैं — जैसे उत्तर प्रदेश में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजना, जिसकी पूरी जानकारी आपUP Berojgari Bhatta Yojana 2026 की डिटेल गाइडमें पढ़ सकते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की संगठित क्षेत्र से जुड़ीPradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojanaके बारे में भी जानना उपयोगी रहेगा। योजना से जुड़े आधिकारिक अपडेटभारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टलपर भी देखे जा सकते हैं।



Conclusion

VB-G RAM G यानी Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) सिर्फ एक और सरकारी योजना नहीं, बल्कि भारत की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नए सिरे से ढालने की एक बड़ी कोशिश है। इसमें योजना और अधिकार दोनों को साथ रखने की कोशिश की गई है, साथ ही राज्यों की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। अगर आप ग्रामीण विकास, रोजगार नीति या प्रतियोगी परीक्षाओं में रुचि रखते हैं, तो इस बिल पर आने वाले समय में होने वाले अपडेट जरूर फॉलो करते रहें। इस विषय से जुड़े नए अपडेट्स के लिए हमारे ब्लॉग को बुकमार्क करें और नीचे कमेंट में अपने सवाल पूछना न भूलें।


Frequently Asked Questions

हां, यह बिल MGNREGA को अपग्रेड करके उसकी जगह लाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को आज के हिसाब से बेहतर बनाया जा सके।

VGPP यानी Viksit Gram Panchayat Plan — यह स्पेशियल टेक्नोलॉजी की मदद से तैयार बॉटम-अप प्लान है, जो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर जोड़ा जाता है और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के लिए PM गति शक्ति से लिंक रहता है।

ज्यादातर राज्यों के लिए नया फंडिंग पैटर्न 60:40 (केंद्र:राज्य) तय किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए पहले की तरह 90:10 का अनुपात ही रहेगा।

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